IP एड्रेस क्या है?
IP एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) वह नंबर है जो इंटरनेट से जुड़े हर डिवाइस या नेटवर्क को मिलता है। जब आप कोई वेबसाइट खोलते हैं, तो अनुरोध इसी एड्रेस से जाता है और जवाब इसी पर लौटता है। घर पर राउटर या इंटरनेट प्रदाता, और मोबाइल पर ऑपरेटर आपको पब्लिक IP देता है। घर के नेटवर्क के डिवाइस 192.168.x.x जैसे प्राइवेट एड्रेस इस्तेमाल करते हैं।
यह पेज तुरंत बताता है कि मेरा IP क्या है: आपका पब्लिक IP, वह IPv4 है या IPv6, आपका इंटरनेट प्रदाता और IP से जुड़ी अनुमानित लोकेशन। आप कोई भी दूसरा IP एड्रेस या डोमेन भी जाँच सकते हैं।
IP एड्रेस कैसे जाँचें
- अपना IP: पेज खुलते ही दिखता है; एक क्लिक में कॉपी करें।
- दूसरा IP: IPv4 (जैसे 8.8.8.8) या IPv6 लिखें और “जाँचें” दबाएं।
- डोमेन: example.in लिखें; डोमेन को IP में बदलकर उसकी जानकारी दिखाई जाती है।
- शेयर करने योग्य लिंक: खोज एड्रेस बार में जुड़ जाती है; लिंक खोलने वाले को वही नतीजा दिखता है।
कौन-सी जानकारी दिखती है?
- IP वर्ज़न और एड्रेस का प्रकार: IPv4 / IPv6, पब्लिक या प्राइवेट।
- अनुमानित लोकेशन: देश, राज्य, शहर और निर्देशांक; शहर का केंद्र Google Maps पर दिखता है।
- टाइम ज़ोन और स्थानीय समय जहाँ IP एड्रेस है।
- इंटरनेट प्रदाता और ASN: एड्रेस संभालने वाला ऑपरेटर या संगठन (जैसे Jio, Airtel, Vi, BSNL, ACT Fibernet)।
- रिवर्स DNS: एड्रेस से जुड़ा hostname, अगर हो।
- ब्राउज़र जानकारी: ब्राउज़र, ऑपरेटिंग सिस्टम, भाषाएँ, स्क्रीन रिज़ॉल्यूशन, टाइम ज़ोन और User-Agent, सिर्फ़ आपके डिवाइस पर पढ़ी जाती है।
IP से लोकेशन कितनी सटीक होती है?
IP लोकेशन एक अनुमान है। देश लगभग हमेशा सही होता है; शहर अक्सर वह जगह दिखाता है जहाँ आपके ऑपरेटर का नेटवर्क जुड़ता है। इसलिए किसी दूसरे शहर में होते हुए दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु दिखना सामान्य है, ख़ासकर मोबाइल डेटा पर। IP एड्रेस से आपके घर या ऑफ़िस का पता नहीं चलता; मैप सिर्फ़ शहर का केंद्र दिखाता है।
डेटा DB-IP डेटाबेस से आता है, जो हर महीने अपडेट होता है। ऑपरेटर कभी-कभी एड्रेस ब्लॉक एक शहर से दूसरे में ले जाते हैं, इसलिए नतीजा कुछ हफ़्ते पुराना हो सकता है।
प्राइवेट IP, पब्लिक IP और CGNAT
192.168, 10 या 172.16–31 से शुरू होने वाले एड्रेस प्राइवेट IP होते हैं: ये सिर्फ़ लोकल नेटवर्क में चलते हैं और इनकी लोकेशन नहीं होती। राउटर इन सबको एक पब्लिक IP में बदल देता है। कई ऑपरेटर बहुत से ग्राहकों को एक साझा पब्लिक IP के पीछे रखते हैं (100.64.x.x, CGNAT); ऐसे में बाहर से कोई आपसे सीधे कनेक्ट नहीं कर सकता।
IPv6 में इतने एड्रेस हैं कि डिवाइस को आमतौर पर सीधे पब्लिक एड्रेस मिल जाता है। अगर आपका कनेक्शन IPv6 सपोर्ट करता है, तो इस पेज पर आपका IPv6 एड्रेस दिखेगा।
क्या मेरा VPN काम कर रहा है?
VPN या प्रॉक्सी चालू होने पर वेबसाइटें आपका नहीं, VPN सर्वर का IP देखती हैं। अगर इस पेज पर दिख रहा देश और शहर आपके VPN में चुनी गई लोकेशन से मिलता है, तो VPN काम कर रहा है। पेज ब्राउज़र के टाइम ज़ोन की तुलना IP लोकेशन से भी करता है और फ़र्क़ होने पर बताता है, जो VPN चालू होने का आम संकेत है।
गोपनीयता
आप जो IP एड्रेस और डोमेन जाँचते हैं, वे सेव नहीं होते। लोकेशन हमारे अपने सर्वर के डेटाबेस से पढ़ी जाती है और किसी दूसरी सेवा को नहीं भेजी जाती। ब्राउज़र जानकारी सिर्फ़ आपके डिवाइस पर दिखती है। मैप Google Maps से लोड होता है, इसलिए उसे देखते समय Google से कनेक्शन बनता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरा IP एड्रेस बार-बार क्यों बदलता है?
ज़्यादातर घरेलू और मोबाइल कनेक्शन डायनेमिक IP इस्तेमाल करते हैं; राउटर रीस्टार्ट या कनेक्शन दोबारा होने पर ऑपरेटर नया एड्रेस दे सकता है। स्टैटिक IP आमतौर पर पेड सेवा है।
क्या IP से मेरे घर का पता मिल सकता है?
नहीं। IP लोकेशन अनुमानित और शहर स्तर की होती है। किस ग्राहक ने एड्रेस इस्तेमाल किया, यह सिर्फ़ ऑपरेटर जानता है और केवल क़ानूनी प्रक्रिया से बताता है।
IPv4 और IPv6 में क्या अंतर है?
IPv4 एड्रेस 8.8.8.8 जैसे होते हैं और ख़त्म हो चुके हैं। IPv6 एड्रेस, जैसे 2001:db8::1, कहीं लंबे होते हैं और लगभग असीमित एड्रेस देते हैं।
गलत शहर क्यों दिख रहा है?
लोकेशन इस आधार पर अनुमानित होती है कि ऑपरेटर ने एड्रेस ब्लॉक कहाँ रजिस्टर किया। मोबाइल और कंपनी नेटवर्क पर शहर अक्सर अलग होता है; देश आमतौर पर सही होता है।
किसी वेबसाइट का IP कैसे पता करें?
खोज बॉक्स में डोमेन (जैसे example.in) लिखें; उसके IPv4 और IPv6 एड्रेस और लोकेशन दिखेंगे।
अपना IP कैसे छुपाएं?
VPN, प्रॉक्सी या Tor वेबसाइटों को दूसरा IP दिखाते हैं। मोबाइल डेटा पर जाने से भी IP बदल जाता है।